लेखक: डिम्पी मिश्रा, Aware News 24 डेस्क

तमिलनाडु में सत्ता संभालते ही सी. जोसेफ विजय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य भर में 717 TASMAC शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है।

इन दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर बंद किया जाएगा।


किन दुकानों पर गिरी गाज?

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार:

  • 276 दुकानें पूजा स्थलों के 500 मीटर के भीतर
  • 186 दुकानें शैक्षणिक संस्थानों के पास
  • 255 दुकानें बस टर्मिनलों के आसपास

👉 यानी कुल 717 TASMAC दुकानों को बंद किया जाएगा।

राज्य में फिलहाल TASMAC की लगभग 4,765 शराब दुकानें संचालित हैं।


महिलाओं और सामाजिक संगठनों की लंबे समय से मांग

तमिलनाडु में लंबे समय से:

  • महिलाओं के समूह
  • सामाजिक संगठन
  • कुछ राजनीतिक दल

👉 राज्य में शराब दुकानों को बंद करने की मांग उठा रहे थे।

सरकार का यह फैसला उसी दबाव और सामाजिक मांग का परिणाम माना जा रहा है।


मुख्यमंत्री विजय का पहला बड़ा संदेश

10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद:

  • विजय ने पहले ही दिन तीन अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए
  • इनमें शामिल था:
    👉 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली

अब शराब दुकानों पर कार्रवाई को
👉 “सामाजिक सुधार” और “जनभावना” से जोड़कर देखा जा रहा है।


राजनीतिक संकेत: नई सरकार की नई प्राथमिकताएं

11 मई को विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद:

  • विजय ने प्रशासनिक सख्ती का संकेत दिया
  • सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता देने की कोशिश दिखाई

इस दौरान:

  • उदयनिधि स्टालिन
  • एडप्पादी के. पलानीस्वामी
  • ओ. पन्नीरसेल्वम

सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।


विश्लेषण: क्या यह ‘आंशिक शराबबंदी’ की शुरुआत है?

यह फैसला कई राजनीतिक और सामाजिक संकेत देता है:

1. महिलाओं को सीधा संदेश

शराब विरोधी भावना तमिलनाडु में मजबूत रही है।
👉 सरकार महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है।

2. राजस्व बनाम सामाजिक दबाव

TASMAC राज्य के लिए बड़ा राजस्व स्रोत है।
👉 ऐसे में सभी दुकानें बंद करना आसान नहीं।

3. प्रतीकात्मक शुरुआत

717 दुकानों को हटाना
👉 “पूर्ण शराबबंदी” नहीं, लेकिन उसकी दिशा में संकेत माना जा रहा है।


निष्कर्ष: विजय सरकार की शुरुआती राजनीति का बड़ा संकेत

CM विजय का यह कदम सिर्फ प्रशासनिक आदेश नहीं,
👉 बल्कि नई सरकार की प्राथमिकताओं का राजनीतिक संदेश भी है।

अब देखना होगा:

  • क्या आगे और दुकानों पर कार्रवाई होगी
  • या यह फैसला केवल संवेदनशील इलाकों तक सीमित रहेगा

By Aware News 24

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