लेखक: डिम्पी मिश्रा, Aware News 24 डेस्क
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव की गूंज अब उद्योग जगत के बड़े मंचों पर भी सुनाई देने लगी है। Confederation of Indian Industry के वार्षिक बिजनेस समिट-2026 में देश के बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश को भारत की नई आर्थिक शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।
CII ने की यूपी मॉडल की खुलकर तारीफ
CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा:
👉 “उत्तर प्रदेश ने भारत की आर्थिक प्रगति में असाधारण योगदान दिया है।”
उन्होंने खास तौर पर इन क्षेत्रों का उल्लेख किया:
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- निवेश
- लॉजिस्टिक्स
- डिजिटल गवर्नेंस
- शहरी विकास
- युवा सशक्तिकरण
उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा
CII अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा:
👉 “उद्योग अब उत्तर प्रदेश को पूरी तरह नए नजरिए से देख रहा है।”
उन्होंने कहा कि:
- देश-विदेश के निवेशक यूपी में आना चाहते हैं
- कानून व्यवस्था में सुधार ने कारोबारी भरोसा बढ़ाया
- प्रशासनिक फैसलों ने निवेश प्रक्रिया को आसान बनाया
एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट बने चर्चा का केंद्र
समिट में यूपी की बड़ी परियोजनाओं को विकास मॉडल के रूप में पेश किया गया:
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
- गंगा एक्सप्रेसवे
- जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
👉 उद्योग जगत का मानना है कि इन परियोजनाओं ने:
- कनेक्टिविटी बढ़ाई
- निवेश को आकर्षित किया
- औद्योगिक अवसरों का विस्तार किया
धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं की भी सराहना
सम्मेलन में इन पहलों को भी विकास मॉडल का हिस्सा बताया गया:
- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर
- अयोध्या
- महाकुंभ
वक्ताओं ने कहा कि:
👉 बड़े धार्मिक आयोजनों का सफल प्रबंधन
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता को दिखाता है।
विश्लेषण: क्या ‘योगी मॉडल’ राष्ट्रीय निवेश मॉडल बन रहा है?
यह सिर्फ एक बिजनेस समिट नहीं था,
बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती छवि का सार्वजनिक प्रमाण भी था।
1. कानून व्यवस्था का प्रभाव
पहले उद्योग यूपी को “जोखिम वाला राज्य” मानते थे
👉 अब “अवसर वाला राज्य” कह रहे हैं
2. इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित राजनीति
एक्सप्रेसवे + एयरपोर्ट + लॉजिस्टिक्स
👉 यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की कोशिश
3. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद + विकास
धार्मिक परियोजनाओं को
👉 पर्यटन + अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया
निष्कर्ष: राजनीति से आगे बढ़कर ‘ब्रांड यूपी’ की कोशिश
CII Summit 2026 में दिखा कि:
👉 योगी सरकार अब सिर्फ राजनीतिक विमर्श का हिस्सा नहीं
👉 बल्कि कॉर्पोरेट और निवेश जगत की चर्चा का केंद्र भी बन चुकी है।
अब असली चुनौती होगी:
- निवेश को जमीन पर उतारना
- रोजगार सृजन
- और विकास के लाभ को गांव तक पहुंचाना
