पटना, उदयपुर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह सेवा-मानवाधिकार प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी डा. नम्रता आनंद ने कहा कि कायस्थ समाज का देश और समाज के निर्माण में बड़ा योगदान रहा है और कायस्थ समाज अब अपना हक लेने के लिए पूरी तरह तैयार और एकजुट है।
जीकेसी की ओर से राजस्थान के उदयपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में शिरकत करने पहुंची डा. नमता आनंद ने बताया कि सम्पूर्ण भारत वर्ष के 5000 साल का इतिहास को यदि हम देखें तो कायस्थ समाज ने हर कालखंड के शासन और प्रशासन में महत्वपूर्ण और विश्वसनीय भूमिका निभायी है।कायस्थों ने जरूरत पड़ी तो राष्ट्र की रक्षा में तलवारें भी उठाई हैं। स्वाधीनता संग्राम से लेकर आजाद भारत में भी समाज के हस्ताक्षरों ने देश के महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन आज कायस्थ कहीं न कहीं खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। इसिलिए कायस्थों को अपनी एकजुटता दिखाने के साथ अपनी ताकत का एहसास दिलाने के लिए एक मंच पर आना पड़ा है।
डा. नम्रता आनंद ने कहा कि देश और विदेशों में कायस्थों की ओर से नेतृत्व करने का इतिहास किसी से छुपा नहीं है। कायस्थ समाज के महा पुरुषों ने सदैव राष्ट्र को मजबूत किया है।स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस या फिर देश में संपूर्ण क्रांति के अगुआ जयप्रकाश नारायण, राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री सहित अन्य कई विभूतियों ने देश का न सिर्फ नेतृत्व किया, बल्कि अध्याय को बदलने का काम बखूबी किया है। कायस्थ एक बुद्धिजीवी वर्ग है, जिनका पहले भी राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान रहा है।इसी विरासत को आज आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। जीकेसी के प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन की अपार सफलता के लिये जीकेसी राजस्थान की टीम को बधाई एवं शुभकामना।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

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