लेखक: डिम्पी मिश्रा, Aware News 24 डेस्क
सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब कानूनी और राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है।
मामले में गिरफ्तार आरोपी राज सिंह के वकील ने न केवल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का स्वागत किया है, बल्कि पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल भी उठाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
6 मई 2026 को:
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद
- मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई
इसके बाद:
- पश्चिम बंगाल पुलिस ने
👉 उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया - इनमें मुख्य नाम:
👉 राज सिंह
बताया गया।
वकील का आरोप: कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन
राज सिंह के वकील हरिवंश सिंह ने कहा:
👉 गिरफ्तारी अयोध्या में हुई थी
👉 लेकिन पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया
उनका आरोप है कि:
- आरोपी को सीधे कोलकाता ले जाया गया
- स्थानीय अदालत की अनुमति नहीं ली गई
- कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ
परिवार का दावा: “फंसाया गया है”
राज सिंह की मां जामवंती सिंह ने कहा:
👉 उनका बेटा शादी समारोह में गया था
👉 फिर अयोध्या और दरगाह दर्शन के लिए रुका था
👉 वापसी के दौरान पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया
उन्होंने दावा किया कि:
- पांच लोगों को एक साथ हिरासत में रखा गया
- बाद में राज सिंह को फ्लाइट से कोलकाता ले जाया गया
जांच कैसे पहुंची आरोपियों तक?
पुलिस के अनुसार:
👉 एक संदिग्ध द्वारा किए गए UPI ट्रांजैक्शन के आधार पर
आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
यानी डिजिटल ट्रेल ने जांच में अहम भूमिका निभाई।
CBI ने संभाली जांच
अधिकारियों के मुताबिक:
- राज्य सरकार के अनुरोध पर
👉 CBI ने मामला अपने हाथ में ले लिया - नई FIR दर्ज की गई
अब जांच केंद्र एजेंसी करेगी।
विश्लेषण: हत्या से ज्यादा प्रक्रिया पर सवाल
यह मामला अब केवल हत्या तक सीमित नहीं रह गया है।
1. राजनीतिक संवेदनशीलता
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा चेहरा हैं।
👉 इसलिए मामला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है।
2. पुलिस कार्रवाई पर बहस
अगर ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया,
👉 तो प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
3. CBI जांच का असर
CBI के आने से:
- राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बढ़ सकते हैं
- जांच की दिशा बदल सकती है
निष्कर्ष: अब नजर CBI की अगली कार्रवाई पर
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब:
👉 राजनीतिक
👉 कानूनी
👉 और प्रशासनिक
तीनों स्तरों पर बड़ा मामला बन चुका है।
अब सबसे अहम सवाल:
- क्या गिरफ्तारी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई?
- हत्या के पीछे असली साजिश क्या थी?
- और क्या CBI इस केस की पूरी परतें खोल पाएगी?
