Author: anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

बिहार स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार सुरक्षित करेगा बच्चों और समाज का भविष्य: शिक्षा मंत्री

पटना, 30 सितंबर: “हम सब जानते हैं कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है. इसके लिए…

डेविड-गोलियत कहानी के साथ लक्ष्य निर्धारण

डेविड और गोलियेथ की नज़रों के बारे में भी बताया गया है, देखें कि कैसे! डेविड-गोलियत कहानी – https://en.wikipedia.org/wiki/Goliath

अपने अधिकारों के लिए कायस्थ समाज को संगठित होने की जरूरत: राजीव रंजन प्रसाद

सारण में कायस्थ मिलन सह अभिनंदन समारोह का हुआ आयोजन छपरा, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन…

हस्तांतरण समारोह में जापान सरकार की सहायता के प्रति जताया गया आभार

नई दिल्ली/ पटना, 27 सितंबर 2021: भारत भर में कोविड-19 टीकाकरण अभियान हेतु जापान सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही…

कायस्‍थ समाज का गौरवशाली इतिहास : रागिनी रंजन

मुजफ्फरपुर,ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस (जीकेसी) मुज़फ़्फ़रपुर की बैठक राष्ट्रीय सचिव सह कार्यक्रम संयोजक सुबाला वर्मा जी की अध्यक्षता में बेला रोड,…

गणतंत्र की जननी वैशाली से ग्लोबल कायस्थ कॉन्फेंस की शंखनाद यात्रा की हुयी शुरूआत

हाजीपुर, 25 सितंबर आजादी की लड़ाई के अलावा हर क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान देने वाले कायस्थ समुदाय की लगातार…

स्टोरी कैसे क्रिएट करें? || कहानियाँ गढ़ी कैसे जाती हैं?

कहानियाँ बनाते समय किन महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना चाहिए? कहानी के पहले भाग को “अनुक्रम” कहा जा सकता…

ब्लिंक और एक किताब थी! (जीन डोमिनिक बाउबी की कहानी)

जीन डोमिनिक बाउबी (23 अप्रैल 1952 – 9 मार्च 1997) एक फ्रांसीसी पत्रकार, लेखक और फ्रांसीसी फैशन पत्रिका एले के…

वे आपको मासकॉम की कक्षाओं में क्या नहीं पढ़ाते – मानहानि का मुकदमा

पत्रकारों के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमों को देखना असामान्य नहीं है। हाल ही में हमने एमजे अकबर को एक…

क्या हम “कांग्रेस मुक्त भारत” के साक्षी हैं? || “कांग्रेस मुक्त भारत” पुस्तक पर चर्चा

कांग्रेस मुक्त भारत अनिल बागरिया द्वारा लिखित पुस्तक है। कांग्रेस मुक्त भारत भी एक सपना है जिसे लोगों ने 2014…

अजीत भारती को सत्ता से सच क्यों नहीं बोलना चाहिए || अजीत भारती को कड़वा सच क्यों नहीं बोलना चाहिए?

अजीत भारती को सत्ता से सच क्यों नहीं बोलना चाहिए? अजीत भारती और “अपराधी” की राजनीति अदालत की अवमानना।

एक लेखक के जीवन को चार क्षेत्र कैसे प्रभावित करते हैं?

चार क्षेत्रों पर विचार करें – कम्फर्ट ज़ोन, फियर ज़ोन, लर्निंग ज़ोन और ग्रोथ ज़ोन जो आमतौर पर किसी व्यक्ति…

डीजीएच सम्मेलन आयुर्वेद और विज्ञान के बारे में गलत क्यों है?

डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व कॉन्फ्रेंस के हिंदू विरोधी आयोजकों ने आयुर्वेद और विज्ञान के खिलाफ भी अपना जहर उगला। उनकी सबसे…

वैश्विक हिंदुत्व सम्मेलन को खत्म करना कितना गलत है?

हाल ही में हमने देखा कि डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व सम्मेलन में हिंदूफोबिक और नफरत फैलाने वाले आयोजक हिंदुत्व और ट्रांसजेंडर…

डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व कॉन्फ्रेंस को कितने लोगों ने देखा?

कुछ लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व कॉन्फ्रेंस में केवल 25 लोग ही शामिल…

क्या देश बिक रहा है ? फिर से विचार करें – झोलावाला अर्थशास्त्र

अक्सर #LeLi (वाम-उदारवादी) गिरोह एक कोलाहल के साथ सामने आते हैं, जैसे “मोदी ने देश बेच दिया”! क्या सच में…

कदम के तत्वाधान में चलंत नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन

पटना, कदम के तत्वाधान में चलंत नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन कदम के राष्ट्रीय अध्यक्ष…

कोविड उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित करने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका: यूनिसेफ़

कोविड और आपदा प्रबंधन से जुड़े ज़मीनी संगठनों ने सीखा सोशल मीडिया के ज़रिए कैसे लाएं बदलाव यूनिसेफ़ द्वारा सिविल…

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