किस्सा : विरह में जलते दो जोड़ो का कृष्ण के संतावना के साथकिस्सा : विरह में जलते दो जोड़ो का कृष्ण के संतावना के साथ
साथी :- “मुलाकात हुई फिर प्यार परवान चढ़ा, दो से तीन मुलाकातों के बाद उसने किनारा करना शुरू कर दिया, शायद मोहब्बत रस्मो रिवाजो पर भाड़ी पड़ा या फिर उसका जी भर गया ! धीरे धीरे उसने हांथ भी झटकना शुरू कर दिया, मिलन और बात पर धीरे धीरे बहाने बढ़े लॉन्ग वैक्शन के झूठे तराने भी मिले, तंग आकर साथी ने भी हांथ झटक डाला, ब्रेकअप का दौर बड़ा ही लंबा चला, साथी की राह एकटक देखता रहा, एक दिन साथी का पैगाम आया, बड़े ही प्यार से खोज खबर फिर खैरियत पूछा, विरह की आग में जलता इस बार भी मिलन का महुरत पूछने लगा, संवाद का सिलसिला न बंद हो जाए इसलिए घुमा फिराकर एक बार दीदार करने की बात हर बार दुहराता रहा, सामने वाले जुल्मी और बेदर्द मोहब्बत से मिलने की भीख मांगता रहा, पहले तो बहाने आते थे अब जुल्मी ने आग भी बरसाना शुरू कर डाला, मोहब्बत में अलक्तरा लगा डाला 😁 ,”
कृष्ण का संतावना और सत्य :- “एक तरफ विरह की आग में एक साथी जला उसकी तपन से सामने वाले का कलेजा जला बीमारियों ने जालिम साथी को आ कर घेर लिया है आजकल सुना है वेद और हकीमों के चक्कर पर चक्कर लगा रहा है । दवा तो मिलन है, विरह की तपन में जब एक साथी जलने लगे, फिर दूसरे पर उसका असर कैसे ना परे ! न न कोई जानबूझकर भी वो ना जले, विरह की आग ही ऐसी है या तो मोहब्बत मिले या दम निकले। विरह की आग की लौ अब जुल्मी साथी को भी जला रही है। मोहब्बत की शक्ति को देख रहे हो अरे ए तो वो शक्ति है जो भगवान को भी खींच कर पास बुला लाए कब तक जलाओगे या जलोगे ? एक दिन राख होकर खाक होगे या फिर दोनो का मिलन फिर होए जाए । सच्ची मोहब्बत तो द्वापर से मुझे कल युग तक खींच लायो (मीराबाई) । तेरी मोहब्बत तो कलयुग में ही है, सच्ची मोहब्बत और विरह की आग में तो जल, खींच न लाए तेरी विरह की आग उस जुल्मी साथी को फिर कहना, नही खींच सका तब तेरी मोहब्बत ही देह तक थी, खींच लिया तब समझना ये रूह वाली मोहब्बत है 💗💗💗.” राधे राधे ।

By Shubhendu Prakash

Shubhendu Prakash – Hindi Journalist, Author & Founder of Aware News 24 | Bihar News & Analysis Shubhendu Prakash एक प्रतिष्ठित हिंदी पत्रकार, लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो Aware News 24 नामक समाधान-मुखी (Solution-Oriented) न्यूज़ पोर्टल के संस्थापक और संचालक हैं। बिहार क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक विश्लेषण के लिए उनका नाम विशेष रूप से जाना जाता है। Who is Shubhendu Prakash? शुभेंदु प्रकाश 2009 से सक्रिय पत्रकार हैं और बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों पर गहन रिपोर्टिंग व विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे “Shubhendu ke Comments” नाम से प्रकाशित अपनी विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए भी लोकप्रिय हैं। Founder of Aware News 24 उन्होंने Aware News 24 को एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया है जो स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और समाधान-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास से जुड़े मुद्दों को सरल और तार्किक रूप में प्रस्तुत करते हैं। Editor – Maati Ki Pukar Magazine वे हिंदी मासिक पत्रिका माटी की पुकार के न्यूज़ एडिटर भी हैं, जिसमें ग्रामीण भारत, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता की जाती है। Professional Background 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य 2012 से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में अनुभव 2020 के बाद पूर्णकालिक डिजिटल पत्रकारिता पर फोकस Key Expertise & Coverage Areas बिहार राजनीति (Bihar Politics) सामाजिक मुद्दे (Social Issues) लोकल जर्नलिज़्म (Local Journalism) टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया पब्लिक इंटरेस्ट जर्नलिज़्म Digital Presence शुभेंदु इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय हैं, जहाँ वे Aware News 24 की ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जागरूकता-उन्मुख पत्रकारिता साझा करते हैं।

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