मनरेगा वीबी-जी राम जी: केंद्र के आश्वासन के बावजूद, मनरेगा श्रमिकों ने काम करने से इनकार कर दिया

लेखक: Aware News 24 डेस्क

बिहार के मुजफ्फरपुर से शुरू हुआ मनरेगा संकट अब कई राज्यों में फैलता नजर आ रहा है। पिछले 87 दिनों से जिला मुख्यालय पर धरना दे रहे श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें महीनों से काम नहीं दिया जा रहा, जबकि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया था कि नई योजना लागू होने तक पुरानी योजना जारी रहेगी।


क्या है पूरा मामला?

केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पारित किया था।

साथ ही यह भी कहा गया कि:
👉 जब तक नई योजना लागू नहीं होती, तब तक
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) जारी रहेगी।

लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट बताई जा रही है।


मुजफ्फरपुर: 12 हजार श्रमिकों को महीनों से काम नहीं

  • 2 जनवरी 2026 से धरना जारी
  • करीब 12,000 श्रमिकों को 3–4 महीनों से काम नहीं
  • लगभग 16,000 श्रमिक (ज्यादातर महिलाएं) काम की मांग को लेकर इकट्ठा हुए
  • 25 मार्च को प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा

मनरेगा वॉच-बिहार के संजय साहनी के अनुसार:
👉 “बार-बार मांग के बावजूद काम नहीं दिया गया — यह कानून का उल्लंघन है।”


‘नया काम शुरू न करने’ का मौखिक निर्देश?

सबसे बड़ा सवाल यहीं खड़ा होता है:

  • जिला अधिकारी कहते हैं: नया काम शुरू करने का निर्देश नहीं है
  • केंद्र के अधिकारी कहते हैं: ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ

👉 यानी सिस्टम में कम्युनिकेशन गैप या अनौपचारिक रोक?


संकट बिहार से बाहर: राजस्थान में भी वही हाल

राजस्थान के कई जिलों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं:

डूंगरपुर

  • महिला श्रमिकों को काम के लिए आवेदन करने से रोका गया
  • पंचायत ने कहा: “मनरेगा बंद हो गया है”

ब्यावर

  • श्रमिकों को Form-6 नहीं दिया गया
  • कहा गया: नए कानून के तहत नए फॉर्म का इंतजार

👉 यानी तकनीकी प्रक्रिया भी काम रुकने का कारण बन रही है।


आर्थिक असर: सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित

राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के अनुसार:

  • मनरेगा से प्रति परिवार ₹25,000–₹28,000 सालाना आय
  • कई महिला-प्रधान परिवारों के लिए यही एकमात्र आय स्रोत

👉 काम बंद होने का मतलब सीधे
घर की आर्थिक रीढ़ टूटना है।


विश्लेषण: कानून जारी, काम बंद — सिस्टम में क्या गड़बड़?

यह मामला कई स्तरों पर सवाल उठाता है:

1. नीति बनाम क्रियान्वयन

कागज पर मनरेगा जारी है
👉 लेकिन जमीन पर काम बंद

2. प्रशासनिक भ्रम

  • राज्यों को स्पष्ट निर्देश नहीं
  • स्थानीय अधिकारी असमंजस में

3. संक्रमण काल की विफलता

नई योजना (VB-G RAMG) और पुरानी (MGNREGA) के बीच
👉 “ट्रांजिशन गैप” साफ दिख रहा है


निष्कर्ष: रोजगार गारंटी योजना पर ही अनिश्चितता

यह केवल एक योजना का मुद्दा नहीं, बल्कि
👉 ग्रामीण रोजगार सुरक्षा पर संकट है।

अगर जल्द स्पष्टता और काम शुरू नहीं हुआ, तो:

  • विरोध और तेज हो सकता है
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर गहरा सकता है
  • सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं

👉 कागज पर गारंटी है
👉 जमीन पर इंतजार

By Aware News 24

Aware News 24 भारत का राष्ट्रीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल , यहाँ पर सभी प्रकार (अपराध, राजनीति, फिल्म , मनोरंजन, सरकारी योजनाये आदि) के सामाचार उपलब्ध है 24/7. उन्माद की पत्रकारिता के बिच समाधान ढूंढता Aware News 24 यहाँ पर है झमाझम ख़बरें सभी हिंदी भाषी प्रदेश (बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, मुंबई, कोलकता, चेन्नई,) तथा देश और दुनिया की तमाम छोटी बड़ी खबरों के लिए आज ही हमारे वेबसाइट का notification on कर लें। 100 खबरे भले ही छुट जाए , एक भी फेक न्यूज़ नही प्रसारित होना चाहिए. Aware News 24 जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब मे काम नही करते यह कलम और माइक का कोई मालिक नही हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है । आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे। आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं , वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलता तो जो दान दाता है, उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की, मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो, जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता. इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए, सभी गुरुकुल मे पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे. अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ! इसलिए हमने भी किसी के प्रभुत्व मे आने के बजाय जनता के प्रभुत्व मे आना उचित समझा । आप हमें भीख दे सकते हैं 9308563506@paytm . हमारा ध्यान उन खबरों और सवालों पर ज्यादा रहता है, जो की जनता से जुडी हो मसलन बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सिक्षा, अन्य खबर भी चलाई जाती है क्योंकि हर खबर का असर आप पर पड़ता ही है चाहे वो राजनीति से जुडी हो या फिल्मो से इसलिए हर खबर को दिखाने को भी हम प्रतिबद्ध है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *