बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। कई राशन डीलरों का दावा है कि सरकारी गोदाम से खाद्यान्न उठाव के समय ही लगभग 20% राशन कम मिलने की समस्या होती है। उनका कहना है कि इसी कारण लाभार्थियों तक पूरा राशन पहुँचाना मुश्किल हो जाता है, या फिर उन्हें स्वयं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
डीलरों का आरोप है कि जब लाभार्थियों को कम राशन मिलता है, तो शिकायतों का सामना भी उन्हें ही करना पड़ता है। कई मामलों में बिना पूरे तथ्यों और परिस्थितियों की जांच किए संबंधित डीलर के विरुद्ध कार्रवाई कर दी जाती है, यहाँ तक कि लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम भी उठाए जाते हैं।
एक डीलर ने इस पूरे मामले को लेकर पटना हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तक न्याय की गुहार लगाने का दावा किया है।
डीलरों का यह भी कहना है कि कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया कठोर है और विस्तृत जांच के बजाय सीधे डीलर को दोषी मान लिया जाता है। उनका तर्क है कि यदि वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच हो, तो गोदाम स्तर पर होने वाली कथित अनियमितताओं का भी खुलासा हो सकता है।
इस स्थिति का असर केवल डीलरों पर ही नहीं, बल्कि लाभार्थियों पर भी पड़ता है। यदि किसी डीलर का लाइसेंस रद्द हो जाता है, तो लोगों को दूसरे केंद्रों से राशन लेने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे आम जनता को भी असुविधा होती है।
Aware News 24 इस मामले में संबंधित विभाग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार का पक्ष भी जानने का प्रयास करेगा, ताकि सभी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
यह संस्करण आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत करता है, किसी निष्कर्ष के रूप में नहीं। यदि आप इसे Aware News 24 के लिए प्रकाशित करेंगे, तो संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी शामिल करना पत्रकारिता की दृष्टि से उचित रहेगा।
