पटना, 22 जनवरी सामाजिक संस्था दीदी जी फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ नम्रता आनंद ने लंदन बेस्ड संस्था आईआईडबल्यू (इंस्पायरिंग इंडियन वुमेन) की सोशल सेक्रेटरी, बिहारी कनेक्ट, यूके की ज्वाइंट सेक्रेट्री और सहयोग समृद्धि फाउंडेशन की संस्थापिका सह निदेशिका डा.सान्या शर्मा को सम्मानित किया। दीदी जी फाउंडेशन की ओर से संस्थापिका डॉ. नम्रता आनंद ने डा. सान्या शर्मा को अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। डा. सान्या शर्मा को सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये दीदी जी फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया है।
इस मौके पर डा. नम्रता आनंद ने कहा, “जीवन में संस्कारों का बड़ा महत्व है। ऐसा ही एक संस्कार है समाजसेवा का भाव। निस्वार्थ भाव से यथासंभव जरूरतमंद की मदद और समाजसेवा करना हमारे संस्कारों की पहचान कराता है। अपने दायित्व का निर्वहन करना ही सच्चे समाजसेवी का धर्म होता है।
लोगों को समाज की समृद्धि और विकास के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है. व्यक्ति की प्रगति से ही समाज में सुधार होता है और व्यक्ति का विकास समाज के विकास में परिलक्षित होता है. इसलिए समाज सेवा को मानव जाति का सर्वश्रेष्ठ धर्म माना गया है। उन्होने कहा, लंदन में रहकर सुख और समृद्धि की जीवन शैली से परे डा. सान्या इतना कुछ कर रही हैं, यह अनुकरणीय है। हम सब को इससे प्रेरणा लेने की जरूरत है। आज दीदीजी फाउंडेशन उन्हें सम्मानित कर खुद को गौरवान्वित महसूस करता है। डा. सान्या शर्मा के इस सम्मान के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मुकेश महान,सहित दीदीजी फाउंडेशन और सहयोग समृद्धि फाउंडेशन के कुछ सदस्य उपस्थित थे।
मौके पर डा. सान्या शर्मा ने कहा कि कि मैंने सम्मान के लिए समाज सेवा नहीं की थी। लेकिन मैं काम करती रही और सम्मान मिलने लगा। और जब नया सम्मान मिलता है तो लगता है समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। सच तो यह है कि मेरी टीम के लोगों मसलन डॉली पांडे, प्रभात, राकेश, शबाना, आशा, अदिती, माला,अंशु नवेली दीक्षा जैसी सहयोगियों के बिना मैं इतना सबकुछ नहीं कर पाती। यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, उन सभी का है। उन्होंने कहा कि जबतक मैं पटना में हूं, मेरी कोशिश है कि मैं कुछ न कुछ करती रहूं।
गौरतलब है कि डा. सान्या शर्मा पिछले कई वर्षों से लंदन (यूके) में अपने परिवार के साथ सेटल्ड हैं। एएआईएस स्क्वायर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमेटेड की संस्थापिका हैं। यह कंपनी विदेश में रह रहे भारतीय बच्न्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेज चलाती है। भारत में एसीड अटैक सर्वाइवर के लिए काम कर रही संस्था छाव फाउंडेशन फाउंडेशन की स्माइल अमबेस्डर हैं। साथ ही मिसेज इंटरनेशनल 2018 की फर्स्ट रनरअप भी रह चुकी हैं। इसके साथ ही कई छोटे बड़े सम्मान के साथ ब्रिटिश पार्लियामेंट में ‘शी इंस्पायर्स’ सम्मान से सम्मानित हो चुकी हैं।रेप केस इन इंडिया विषय पर डा. सान्या ने पीएचडी भी कर रखी है। यही कारण है कि वो बालात्कार पीड़िता और एसीड अटैक पीड़िता के सहयोग और समर्थन में लगातार काम कर रही हैं। इसके अलावे ट्रांसजेंडर, दिव्यांग अनाथ, लाचार वृद्धजन, गरीब मरीज, आदि के लिए भी लंदन से लेकर भारत और बिहार में काम कर रही हैं।हाल के दिनों में डा. सान्या शर्मा ने अपने संगठन सहयोग समृद्धि फाउंडेशन के जरिये पटना के कन्या नेत्रहीन विद्यालय, बालक नेत्रहीन विद्यालय और आश्रय ओल्डएज होम के साथ जुड़ कर विशेष सहयोग का कार्य किया है। साथ ही पटना में स्लम के बच्चों को भी जरूरी सामान मुहैया कराया है।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

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