इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को अंतरिक्ष यात्रियों का दूसरा घर भी कहा जाता है। यह स्पेस स्टेशन कई देशों का जॉइंट प्राेजेक्ट है, जिसमें अमेरिका और रूस जैसे प्रतिद्वंदी भी शामिल हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर हर समय अंतरिक्ष यात्रियों की एक टीम तैनात रहती है और वहां से अपने मिशनों को अंजाम देती है।
जानकारी के अनुसार, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन लगभग 7.6 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है। इसे और आसानी से समझना हो तो, अंतरिक्ष स्टेशन दिन में 16 बार पृथ्वी की परिक्रमा करता है यानी वहां रह रहे अंतरिक्ष यात्रियों के सामने 16 सूर्योदय और सूर्यास्त होते हैं।
जैसा कि हमने आपको बताया इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर कई देशों के यात्री मौजूद होते हैं। इनमें अमेरिका, रूस, जापान आदि शामिल हैं। इन देशों में अलग-अलग समय पर नए साल का जश्न मनाया जाता है। जब इन देशों के यात्री पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष स्टेशन में हैं, तो वह नए साल का जश्न कब मनाएंगे।
रिपोर्टों के अनुसार, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री 1 जनवरी 2023 को भारतीय समय के अनुसार सुबह 5.30 बजे नया साल सेलिब्रेट करेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि ISS यूनिवर्सल कोऑर्डिनेटेड टाइम का पालन करता है, जिसे ग्रीनविच मीन टाइम भी कहा जाता है। यह टाइम, सेंट्रल यूरोपियन टाइम से एक घंटा और भारत के समय से साढ़े पांच घंटा पीछे है। यानी 1 जनवरी की सुबह जब आप सोकर उठेंगे या सो रहे होंगे, तब आईएसएस पर सवार अंतरिक्ष यात्री नए साल में दाखिल होंगे। अभी आईएसएस पर 7 अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं। इनमें रूस, अमेरिका और जापान के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।
