असम चुनाव 2026: भाजपा का पलड़ा भारी, लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के संकेत
गुवाहाटी/हैदराबाद: असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर आए ‘पीपुल्स पल्स रिसर्च ऑर्गनाइजेशन’ के पहले ट्रैकर पोल ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। सर्वे के नतीजों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असम में अपनी जीत की हैट्रिक लगाने की ओर मजबूती से बढ़ रही है । 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को अकेले 69-74 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है । वहीं, एनडीए गठबंधन के सहयोगियों के साथ यह आंकड़ा 90 सीटों तक पहुँच सकता है ।
विपक्ष बिखरा, कांग्रेस के वोट शेयर में सुधार पर सीटों में नहीं सर्वे के अनुसार, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को 25-29 सीटें मिल सकती हैं । दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर 37% होने का अनुमान है, जो भाजपा के 39% के काफी करीब है । हालांकि, एआईयूडीएफ (AIUDF) के पतन और परिसीमन (Delimitation) जैसे कारणों से कांग्रेस इस वोट शेयर को सीटों में तब्दील करने में पिछड़ती दिख रही है । एआईयूडीएफ के मुस्लिम मतदाता अब कांग्रेस की ओर शिफ्ट हो रहे हैं ।
मुख्यमंत्री की पसंद: हिमंत और सोनवाल में कड़ी स्पर्धा मुख्यमंत्री पद के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा 30% लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं । उनके ठीक पीछे पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल 28% और कांग्रेस के गौरव गोगोई 27% लोकप्रियता के साथ बने हुए हैं । रिपोर्ट में कहा गया है कि गौरव गोगोई की व्यक्तिगत लोकप्रियता कांग्रेस पार्टी के समर्थन से अधिक है ।
जीत के मुख्य कारक डॉ. राजन पांडेय (निदेशक, पीपुल्स पल्स) के अनुसार, भाजपा की इस बढ़त के पीछे मजबूत सामाजिक गठबंधन, कल्याणकारी योजनाएं और विपक्ष का बिखराव प्रमुख कारण हैं । परिसीमन ने भी भाजपा के आधार को मजबूत करने में मदद की है । इसके अलावा, चाय बागान श्रमिकों, आदिवासियों और ओबीसी समुदायों के बीच भाजपा की पकड़ और गहरी हुई है ।
क्षेत्रवार स्थिति:
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बराक घाटी: एनडीए को 13 में से 8-10 सीटें मिलने की उम्मीद है ।
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ऊपरी असम: भाजपा का दबदबा बरकरार रहने का अनुमान है ।
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लोअर असम: परिसीमन और भाजपा-बीपीएफ गठबंधन के कारण एनडीए यहां भी मजबूत है ।
यह सर्वे 15 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच 5,000 लोगों के सैम्पल साइज के साथ किया गया था । सर्वे रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि फिलहाल असम की जनता विकास और स्थिरता के नाम पर भाजपा को एक और मौका देने के पक्ष में दिख रही है ।
