सीतामढ़ी जिले के बसबरिया निवासी सोनू निगम को बीते रात मुम्बई के अंधेरी बेस्ट मयूर हॉल में आयोजित अवार्ड समारोह में उनके अच्छे पीआर को लेकर उन्हें दादा साहब फाल्के अवार्ड देकर सम्मानित किया गया है।यह अवार्ड प्रसिद्ध हास्य कलाकार सुनील पाल जी के हाथों दिया गया है,मुम्बई के एसपी सुनील पाटिल ,जय सिंह ,सुजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।सिद्धि टेलीविजन प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में फ़िल्म और टेलीविजन जगत से जुड़ी कई हस्तियां मौजूद रही है।
इस अवार्ड समारोह के आयोजक ने बताया कि यह अवार्ड उन लोगो को दिया गया है,जो लोग एक फ़िल्म को सफल बनाने के लिए पर्दे के पीछे अपने खून पसीना एक कर देते है।
उसी लिस्ट में सोनू निगम पीआरओ का भी नाम है जिन्होंने अपने लेखनी के दम पे दर्जनो फिल्मो को सफल बनाया इस अवार्ड का रियल हकदार वही है,इसी लिए जीयूरी मेंबर ने उन्हें यह अवार्ड देने का फैसला किया है।

यह अवार्ड पाकर सोनू निगम कहते है मैं सिद्धि टेलीविजन के सभी टीम को दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ ,जिन्होंने मुझे दादा साहब फाल्के अवार्ड देकर सम्मानित किया है। आपको बताते चले कि दादा साहब को फादर ऑफ इंडियन सिनेमा कहा जाता है,ऐसे में यह अवार्ड मुझे मिला मेरे लिए गर्व की बात हैं।

उल्लेखनीय यह की सोनू निगम को अपने उत्कृष्ट लेखनी को लेकर उन्हें कई बार अलग अलग तरह के अवार्ड से सम्मानित किये जा चुके है।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

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