पटना, 26 जनवरी राजधानी पटना के कुरथौल स्थित दीदीजी फाउंडेशन संस्कारशाला में सरस्वती पूजा धूमधाम के साथ मनायी गयी। इस अवसर पर दीदीजी फांउडेशन की संस्थापक, राष्ट्रीय-राजकीय सम्मान से अंलकृत डा. नम्रता आनंद ने कहा, पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल पंचमी को वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का आयोजन करते हैं इस दिन से भारत में वसंत ऋतु की शुरुआत होती है.बसंत पंचमी को माघ पंचमी भी कहा जाता है।बसंत पंचमी का पर्व बहुत उल्लास के साथ मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा भी की जाती है. इस दिन साहित्य, शिक्षा, कला इत्यादि के क्षेत्र से जुड़े लोग विद्या की देवी सरस्वती की पूजा-आराधना करते हैं।पुराणों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन ही माता सरस्वती का जन्म हुआ था। मन्यता है कि सृष्टि के रचियता भगवान ब्रह्मा के मुख से वसंत पंचमी के दिन ही ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसलिए इस दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, संगीत, कला और ज्ञान की देवी माना जाता है. इस दिन मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान का वरदान मांगा जाता है।
इस अवसर पर समाजसेवी मिथिलेश सिंह, चुन्नू सिंह, जन स्वास्थ्य कल्याण समिति के सचिव डॉक्टर एलबी सिंह, रंजीत ठाकुर,करण रूद्र, प्रवीण कुमार बादल, प्राची, रश्मि, रिया, रागनी ,आशी,सपना, प्रियंका, स्वाति ,दीपक , खुशी ,रितिका राजा, अंजली, राज, प्रीति ,अंजना ,पवन, समेत कई लोग मौजूद थे।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

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