पटना, 26 जनवरी राजधानी पटना के कुरथौल स्थित दीदीजी फाउंडेशन संस्कारशाला में धूमधाम के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर दीदीजी फांउडेशन की संस्थापक, राष्ट्रीय-राजकीय सम्मान से अंलकृत डा. नम्रता आनंद ने सभी बच्चों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामना देते हुये कहा, वर्ष 1950 से गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, इसलिए हम इस दिन को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। स्वतंत्रता सेनानियों के लंबें संघर्ष के बाद हम 26 जनवरी 1950 को स्व-शासित हुए। इस दिन हमारा नया संविधान लागू हुआ। हमारे देश के वीर जवानो को हमे सदैव याद रखना चाहिए, क्योंकि आज उन्ही के ही संघर्ष और परिश्रम से हम आजादी की जिंदगी जी पा रहें हैं। यदि हम उनकी वीर गाथा से प्रेरित होकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझेंगे, तभी हर वर्ष गणतंत्र दिवस मनाना हमे उमंग, जोश और नवीनता का अनुभव करा सकेगा। भारत देश के लोकतंत्र का राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान की याद दिलाता है और सदा सही रास्तों पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर समाजसेवी मिथिलेश सिंह, चुन्नू सिंह, जन स्वास्थ्य कल्याण समिति के सचिव डॉक्टर एलबी सिंह, रंजीत ठाकुर,करण रूद्र, प्रवीण कुमार बादल, प्राची, रश्मि, रिया, रागनी , आशी, सपना, प्रियंका, स्वाति ,दीपक , खुशी ,रितिका राजा, अंजली राज, प्रीति ,अंजना पवन, समेत कई लोग मौजूद थे।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

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