Book Launched AANCHBook Launched AANCH

श्रम दिवस के अवसर पर आयोजित लोकार्पण समारोह में काव्य पुस्तक “आंच” का विमोचन किया गया । इस पुस्तक को हिंदी की नवोदित कवयित्री सुमिता कुमारी ने लिखा है ।

राजधानी स्थित अभियंता भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में हिंदी साहित्य के कई सुप्रसिद्ध रचनाकारों एवं कविता प्रेमियों ने हिस्सा लिया । पुस्तक का लोकार्पण आलोकधन्वा, उषा किरण खान, प्रेम कुमार मणि, प्रो. तरुण कुमार तथा सुमिता कुमारी द्वारा किया गया. युवा कवि प्रत्युष चंद्र मिश्रा ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की तथा कवि का संक्षिप्त परिचय देते हुए उन्हें कविता पाठ के लिए आमंत्रित किया.

कवयित्री सुमिता ने आँच, बेमौसम बरसात, धान रोपती स्त्रियां, सारंगी वाला, अंतरद्वन्द्व सहित लगभग दर्जन भर कविताओं का पाठ किया तथा रचना प्रक्रिया पर अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में अपने काव्य कृति “आंच” के लोकार्पण के अवसर पर, अपनी कविताओं का पाठ करने के क्रम में, जब अपनी कविता ‘बेमौसम बरसात’ की पंक्तियां भींगना पहली बारिश का हो या पहली नजर का …बीमार कर देता है ; पढ़ी , तो उपस्थित लोगों ने इसे काफी सराहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर आलोक धन्वा ने ” आँच” की तारीफ करते हुए नवोदित कवयित्री सुमिता को आशीष देते हुए कहा कि वे अपनी पहली पुस्तक में जीवन एवं ग्रामीण परिवेश की छोटी-छोटी घटनाओं और बातों को भी बड़ी ही सहजता के साथ कविताओं में अभिव्यक्त करती हैं, जो उनकी कविता का प्राणतत्व है |

वरिष्ठ कथाकार एवं साहित्यकार उषा किरण खान ने कहा – “सुमिता कुमारी की कविताओं को पढ़ना बेहद सुखद लगा… हिंदी साहित्य के समकालीन दौर में एक संवेदनशील युवा रचनाकार की काव्य कृति में भावनाओं के उन्मुक्त एवं संवेदनशील अभिव्यक्ति को देखकर अच्छा लगा । विदित हो कि इस पुस्तक की भूमिका उषा किरण खान और ब्लर्ब अरुण कमल ने लिखा है |

प्रोफेसर तरुण कुमार ने मुक्त छंद में अभिव्यक्त भाव पूर्ण कविताओ की तारीफ़ करते हुए गवई, देशज और मगही शब्दों के प्रयोग की सराहना करते हुए भागीदारी, अपराजिता, कलाकार, इस बार राखी में आदि कविताओ का पाठ किया |

युवा कवि नरेन्द्र कुमार ने त्वरित टिपण्णी से सबका ध्यान आकृष्ट किया | युवा कवि किशोर आनंद ने सुमीता कुमारी की रचनाओं को बाहरी और आतंरिक संघर्ष के दबाव से उपजी जीवट की कविताएँ कहा तथा उनकी कविताओं में जीवन-संघर्ष एवं मानवीय मूल्यों की ओर संकेत किया |

अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रेम कुमार मणि ने सुमिता की कविताओं में अरुण कमल जी के प्रारंभिक कविताओं का अक्श देखते हुए गांज जैसी कई शब्दावलियों से हिंदी का परिचय कराने की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा हिंदी में एक संभावनाशील कवि का स्वागत किया. इस विमोचन समारोह में समीर परिमल. मार्कण्डेय राय, अनीश अंकुर ने कविता के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया तथा वर्तमान हिंदी साहित्य की दिशा एवं दशा पर इनके प्रभाव की सार्थक चर्चा की l

कार्यक्रम के अवसर पर युवा चित्रकार और आर्कटीटेक्ट आदित्य ने युवा कवयित्री सुमिता की कविताओं पर चित्र प्रदर्शनी भी लगाई. इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार और काव्य प्रेमी मौजूद रहे जिनमें सिधेश्वर ,जय प्रकाश, मृत्युंजय अनल, श्याम किशोर, मुकुल कुमार, संजय कुंदन, अखिलेश कुमार, शिवानंद पाण्डेय, विजय कुमार, शशि रंजन सिंह, नीरज कुमार, ओसामा खान, सुजीत वर्मा, सुनील कुमार त्रिपाठी, कृष्ण संमिद्ध, श्यामकिशोर, ज्योति स्पर्श, सौम्य शुभम, पलक आदि उपस्थित रहेl कार्यक्रम की संचालन युवा कवयित्री नीलू अग्रवाल ने किया।

By Shubhendu Prakash

Shubhendu Prakash – Hindi Journalist, Author & Founder of Aware News 24 | Bihar News & Analysis Shubhendu Prakash एक प्रतिष्ठित हिंदी पत्रकार, लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो Aware News 24 नामक समाधान-मुखी (Solution-Oriented) न्यूज़ पोर्टल के संस्थापक और संचालक हैं। बिहार क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक विश्लेषण के लिए उनका नाम विशेष रूप से जाना जाता है। Who is Shubhendu Prakash? शुभेंदु प्रकाश 2009 से सक्रिय पत्रकार हैं और बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों पर गहन रिपोर्टिंग व विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे “Shubhendu ke Comments” नाम से प्रकाशित अपनी विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए भी लोकप्रिय हैं। Founder of Aware News 24 उन्होंने Aware News 24 को एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया है जो स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और समाधान-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास से जुड़े मुद्दों को सरल और तार्किक रूप में प्रस्तुत करते हैं। Editor – Maati Ki Pukar Magazine वे हिंदी मासिक पत्रिका माटी की पुकार के न्यूज़ एडिटर भी हैं, जिसमें ग्रामीण भारत, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता की जाती है। Professional Background 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य 2012 से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में अनुभव 2020 के बाद पूर्णकालिक डिजिटल पत्रकारिता पर फोकस Key Expertise & Coverage Areas बिहार राजनीति (Bihar Politics) सामाजिक मुद्दे (Social Issues) लोकल जर्नलिज़्म (Local Journalism) टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया पब्लिक इंटरेस्ट जर्नलिज़्म Digital Presence शुभेंदु इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय हैं, जहाँ वे Aware News 24 की ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जागरूकता-उन्मुख पत्रकारिता साझा करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *