मंगलवार को विजयवाड़ा में इंद्रकीलाद्री के आसपास देवी कनक दुर्गा की उत्सव मूर्तियों को निकालते हुए प्रमुख पुजारी और मंदिर समिति के सदस्य। | फोटो साभार: केवीएस गिरी
श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामीवरला देवस्थानम ने मंगलवार को इंद्रकीलाद्रि की गिरि प्रदक्षिणा कराई।
कनक दुर्गा मंदिर के पुजारियों ने शाम को वैदिक विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच कनक दुर्गा मंदिर के ‘प्रचार रथम’ के बाहर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने कहा कि गिरि प्रदक्षिणा लोगों की भलाई और विश्व शांति के लिए आयोजित की जा रही है।
गिरि प्रदक्षिणा का संचालन श्री काम धेनु अम्मावरी आलयम से मल्लिकार्जुन महा मंडपम तक किया गया। महा मंडपम में समापन से पहले जुलूस कुम्मारिपलेम केंद्र, नालुगु स्तम्भला केंद्र, सितारा, कबेला, दूध फैक्टरी, चिट्टी नगर, कोथपेटा, नेहरू बोम्मा केंद्र और ब्राह्मण स्ट्रीट से गुजरा।
भक्तों ने रथ पर विराजमान देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की। उन्होंने देवताओं को नारियल, फल और फूल चढ़ाए। ऐसा कहा जाता है कि पूर्णिमा के दिन इंद्रकीलाद्री के चारों ओर गिरि प्रदक्षिणा करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
कनक दुर्गा मंदिर स्थानाचार्य विष्णुभटला शिवप्रसाद सरमा और वैदिक समिति के सदस्य उपस्थित थे।
