पटना, राजकीय-राष्ट्रीय सम्मान से अंलकृत दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापक और समाजसेवी डा. नम्रता आनंद को सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये गार्गी एक्सीलेस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना के विद्यापति भवन में लेट्स इंस्पायर बिहार-गार्गी चैप्टर का एक सुंदर एवं यादगार आयोजन रहा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की 150 महिलाओं को उनकी अनुकरणीय भूमिका से समाज में सर्वश्रेष्ठ उदाहरण स्थापित करने के लिए सम्मानित किया गया।शिक्षा, समता, उद्यमिता, समाज सेवा, कला संस्कृति, खेल जगत, अभिनय, साहित्य, चिकित्सा, समेत विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को यह सम्मान उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। डा. नम्रता आनंद को सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये गार्गी एक्सीलेस अवार्ड से सम्मानित कियागया।आईपीएस ऑफिसर विकास वैभव ने मोमेंटो और शॉल देकर डा. नम्रता आनंद को सम्मानित किया। डा. नम्रता आनंद ने इस सम्मान के लिये
गार्गी अध्याय की मुख्य समन्वयक डा. प्रीति बाला का शुक्रिया अदा किया है।
डा. नम्रता आनंद ने कहा, जीवन में समाजसेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं है। समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी समय अवश्य निकालना चाहिए। जीवन में संस्कारों का बड़ा महत्व है। ऐसा ही एक संस्कार है समाजसेवा का भाव। निस्वार्थ भाव से यथासंभव जरूरतमंद की मदद और समाजसेवा करना हमारे संस्कारों की पहचान कराता है। हमारा कर्तव्य बनता है कि सच्चे दिल से समाज की सेवा करें। हमारी कोशिश रहती है कि लोगों के बीच अधिक से अधिक मदद पहुंचायी जा सके।
उल्लेखनीय है कि डा. नम्रता आनंद को केन्द्रीय चयन समिति ने वर्ष 2004 में राष्ट्रीय विकास और सामाजिक सेवा में किये गये उत्कृष्ठ कार्य के लिये राष्ट्रीय यूथ अवार्ड सम्मान से सम्मानित किया। वर्ष 2019 में उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की सर्वश्रेष्ठ 20 शिक्षकों में सम्मानित किया। वर्ष 2020 में नम्रता आनंद ने कुरथौल के फुलझड़ी गार्डेन में संस्कारशाला की स्थापना की। संस्कारशाला के माध्यम से गरीब और स्लम एरिया के बच्चों का नि.शुल्क शिक्षा, संगीत, सिलाई-बुनाई और डांस का प्रशिक्षण दिया जाता है।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है। Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद

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