पटना — बिहार की राजधानी पटना से सटे फुलवारीशरीफ इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक अब भयावह रूप ले चुका है। सिर्फ एक ही दिन में 38 लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
घायलों में:
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20 लोग पटना एम्स (AIIMS) की इमरजेंसी वार्ड पहुंचे
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18 लोग फुलवारीशरीफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुँचे
सीएचसी में इलाज कराने वालों में एक बच्चा भी शामिल है।
🐕 किन इलाकों में मचा कहर
स्थानीय सूत्रों के अनुसार बाल्मी, गोविंदपुर, नया टोला सहित फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं।
राह चलते बच्चे, बाइक सवार और पैदल यात्री इनके लगातार हमलों का शिकार हो रहे हैं।
🏥 अस्पतालों में हड़कंप
एम्स पटना की इमरजेंसी में अचानक एक के बाद एक घायल मरीजों के पहुंचने से डॉक्टर भी सकते में पड़ गए।
हालांकि सभी पीड़ितों को तत्काल इलाज और एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिया गया।
🏛️ नगर परिषद पर फूटा लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर फुलवारीशरीफ नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराया है।
लोगों का कहना है:
“आवारा कुत्तों की नसबंदी सिर्फ कागज़ों में हो रही है। सड़कों पर कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ मीटिंग और घोषणाओं तक सीमित है।”
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हर दिन कोई न कोई कुत्तों के हमले का शिकार बन रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
⚠️ सवाल बड़ा है
जब राजधानी पटना से सटे इलाके में ही लोग इस तरह जान जोखिम में डालकर सड़क पर निकलने को मजबूर हैं,
तो सवाल उठता है—
क्या नगर निकाय सिर्फ फाइलों में ही जिम्मेदारी निभा रहा है?
या जनता की सुरक्षा अब प्राथमिकता नहीं रही?
✍️ रिपोर्ट: Sahnawaz Haider, Patna
Aware News 24
