सोंच रहा हु गोवा चला जाए अपने drunker दोस्तो के साथ, सुना है वहा कोई बार है बस यह पता करना है वहां के लोगो से की यह बार केंद्रीय मंत्री की बेटी का है या नही !

बेटी वीडियो मे कह रही है मैं मालकिन हूं और माँ कह रही है वो अभी गोवा मे पढ़ रही है , कन्फ्यूजन बस इस बात का है की सच बोल कौन रहा है ? मां या बेटी !

टीवी चैनल मे अब रिपोर्टर तो हैं भी नही, और ANI को इससे कोई लेना देना नही , टीवी और यूट्यूब चैनल पर सिर्फ विवेचना ही तो हो रहा है ! सच से किसी का कोई संबंध ही नही सिर्फ अटकल बाजी और विवेचना ! अरे हो सकता है पिछला वीडियो प्रोपगेंडा हो या फिर अभी पल्ला झाड़ा जा रहा हो !

झूठ पहले बोलते थे या अब बोल रहे हैं समझ मे बस यह नही आ रहा । बहरहाल पीने का कोई इरादा नहीं है drunker दोस्तो का साथ इसलिए भी चाहिए क्योंकि पियकड़ से बात चीत तो पियकड़ ही कर सकता है ।

ज्यादा बेहतर तो यह रहेगा की कोई सर्टिफिकेट धारी पियकड़ को गोवा की सैर पर ले जाया जाए , कहने का मतलब है कोई बिहारी या गुजराती जो पीने के चक्कड़ मे जेल की हवा खा चुका हो , बहरहाल बार चलाने से हमको कोई आपत्ती नही है क्योंकि हम कोई समाजिक ठेकेदार तो है नही !

हम तो बस यह सीखने जा रहे हैं की कैसे मरे हुए आदमी के नाम से लाइसेंस जारी किया जाता है । पीने पिलाने से भगवंत मान भी याद आ गए जब से पंजाब के मुख्यमंत्री बने हैं शराब वहा भी सस्ती हो गई है।

इन सबसे सीखकर माननीय मुख्यमंत्री श्री Nitish Kumar जी को भी कुछ करना चाहिए बहरहाल लिखते लिखते किशोरीलाल जी घर पर पधारे है उन्होंने कहा मुझे भी गोवा ले चलो हमने उनसे पूछा certificate है वो बोले कैसा सर्टिफिकेट मैंने कहा कभी जेल गए हो वो बोले गोवा जाने के लिए जेल जाना पड़ेगा ! मैने कहा ये पढ़ लीजिए , पढ़ते ही वो निकल पड़े हैं शराब की तलाश में साथ ही जेल जाने के लिए पुलिस को भी फोन करनेवाले हैं की मैं शराब पी रहा हु आओ मुझे धरो , मैंने समझाया की तब तक तो हम जा चुके होंगे आपकी योग्यता हमारे काम नहीं आएगी , वो बोले अगली बार के लिए तैयारी है आगे से कोई इस certificate के चक्कड़ मे मुझे कोई कहीं साथ ले जाने से मना ना कर पाए वो तो निकल गए हम भी तैयारी करते हैं यात्रा की ।

आप यह वीडियो देखे पूरा है

 

By Shubhendu Prakash

Note:- किसी भी तरह के विवाद उत्प्पन होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी चैनल या संस्थान या फिर news website की नही होगी लेखक इसके लिए स्वयम जिम्मेदार होगा, संसथान में काम या सहयोग देने वाले लोगो पर ही मुकदमा दायर किया जा सकता है. कोर्ट के आदेश के बाद ही लेखक की सुचना मुहैया करवाई जाएगी धन्यवाद शुभेन्दु प्रकाश 2012 से सुचना और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र मे कार्यरत है साथ ही पत्रकारिता भी 2009 से कर रहें हैं | कई प्रिंट और इलेक्ट्रनिक मीडिया के लिए काम किया साथ ही ये आईटी services भी मुहैया करवाते हैं | 2020 से शुभेन्दु ने कोरोना को देखते हुए फुल टाइम मे जर्नलिज्म करने का निर्णय लिया अभी ये माटी की पुकार हिंदी माशिक पत्रिका में समाचार सम्पादक के पद पर कार्यरत है साथ ही aware news 24 का भी संचालन कर रहे हैं , शुभेन्दु बहुत सारे न्यूज़ पोर्टल तथा youtube चैनल को भी अपना योगदान देते हैं | अभी भी शुभेन्दु Golden Enterprises नामक फर्म का भी संचालन कर रहें हैं और बेहतर आईटी सेवा के लिए भी कार्य कर रहें हैं |

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