Shubhendu Prakash – Hindi Journalist, Author & Founder of Aware News 24 | Bihar News & Analysis
Shubhendu Prakash एक प्रतिष्ठित हिंदी पत्रकार, लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो Aware News 24 नामक समाधान-मुखी (Solution-Oriented) न्यूज़ पोर्टल के संस्थापक और संचालक हैं। बिहार क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक विश्लेषण के लिए उनका नाम विशेष रूप से जाना जाता है।
Who is Shubhendu Prakash?
शुभेंदु प्रकाश 2009 से सक्रिय पत्रकार हैं और बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों पर गहन रिपोर्टिंग व विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे “Shubhendu ke Comments” नाम से प्रकाशित अपनी विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए भी लोकप्रिय हैं।
Founder of Aware News 24
उन्होंने Aware News 24 को एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया है जो स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और समाधान-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास से जुड़े मुद्दों को सरल और तार्किक रूप में प्रस्तुत करते हैं।
Editor – Maati Ki Pukar Magazine
वे हिंदी मासिक पत्रिका माटी की पुकार के न्यूज़ एडिटर भी हैं, जिसमें ग्रामीण भारत, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता की जाती है।
Professional Background
2009 से पत्रकारिता में सक्रिय
विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य
2012 से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में अनुभव
2020 के बाद पूर्णकालिक डिजिटल पत्रकारिता पर फोकस
Key Expertise & Coverage Areas
बिहार राजनीति (Bihar Politics)
सामाजिक मुद्दे (Social Issues)
लोकल जर्नलिज़्म (Local Journalism)
टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया
पब्लिक इंटरेस्ट जर्नलिज़्म
Digital Presence
शुभेंदु इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय हैं, जहाँ वे Aware News 24 की ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जागरूकता-उन्मुख पत्रकारिता साझा करते हैं।
vedas for the education purposes not law | anand तो पहले ही कह चुके हैं की कुछ लोग खुद को मार्कन्डे ऋषि से भी ज्यादा जान्ने वाला समझ लेते हैं | गाय का मांस हम इसलिए नही खा सकते क्योंकि हिन्दू परम्पराओं में गाय को हमने माता का दर्जा दिया है वहाँ भावना जूरी है | मुश्लिमो की भावना नही जुडी है इसलिए वो खाते हैं | अब आपके कुतर्क का जबाब कुतर्क से भगवान अगर राक्षस की हत्या करते हैं तो वो भगवान बन जाता है या स्वर्ग को प्राप्त होता है फिर मनुष्य अगर अपने अलावा किसी भी अन्य जिव की हत्या करे तो वो भी तो कम से कम मनुष्य तो बन ही जाएगा | अंत मे कहना चाहूंगा वैसे तो ये संस्कृत का श्लोक' है आपके लिय हिंदी मे :- जिसे कोई ज्ञान नही होता उसे समझाना आशान है , जो बुद्धिमान है उसे समझाना और भी आशान है लेकिन जो अधूरा ज्ञान प्राप्त करता है उसे ब्रह्मा भी नही समझा सकते फिर हम क्या चीज है राधे राधे |
ऋगवेद ५/५१/१२
यजुर्वेद १२/३२
यजुर्वेद १६/३
अथर्ववेद १९/४८/५
अथर्ववेद ८/३/१६
ऋगवेद ८/१०१/१५
जरा इसका भी विश्लेषण कर लें। मार्कण्डेय ऋषि कोई भगवान के अवतार नहीं हैं। और मांस खाना है तो फिर गाय और बकरी में भेद कैसा। सब खाइये।