इक्वाडोर में ज्लावामुखी के पास मिले अद्भुत गुलाबी छिपकली के अंडे, 18.5 इंच तक बढ़ा सकती हैं अपनी लम्बाई

इक्वाडोर में वैज्ञानिकों को दुर्लभ गुलाबी छिपकलियों के बच्चे मिले हैं। ये छिपकली केवल इक्वेडोरियन आर्किपेलागो आइलैंड पर ही पाई जाती हैं जिन्हें कुछ सालों पहले ही खोजा गया था। इनकी संख्या बहुत कम है, जो अनुमान के मुताबिक कुछ सौ ही बची हैं। इसलिए इनके अंडे और बच्चे मिलना एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। छिपकली यहां के इसाबेला आईलैंड में धधक रहे वोल्फ ज्वालामुखी के पास ही रहती हैं। ये छिपकली अपने आप में काफी विशिष्ट होती हैं और इनमें एक खास बात ये भी है कि ये अपने शरीर की लम्बाई को 18.5 इंच, यानि 47 सेंटीमीटर तक बढ़ा सकती हैं। 

गुलाबी इगुआना छिपकलियों को 1986 में नेशनल पार्क रेंजर्स ने खोजा था। अब वोल्फ ज्वालामुखी के पास इनके अंडे और बच्चे पाए गए हैं। खोज के बाद यह पहली बार है जब इनकी संतानों को देखा गया है। Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गैलापोगोस नेशनल पार्क के डायरेक्टर डैनी रूएडा ने एक बयान में कहा कि बच्चों का पाया जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना है। इससे पिंक इगुआना को बचाने में मदद मिलेगी। ये छिपकलियां अपने आकार को 18.5 इंच तक लम्बाई में बढ़ा सकती हैं। लेकिन यहां रोचक बात ये है कि वैज्ञानिकों को इनके बारे में पता करने में कई दशक लग गए कि यह आईलैंड पर पाई जाने वाली अन्य छिपकलियों से कोई भिन्न प्रजाति है। 

नेशनल पार्क की ओर से कहा गया है कि आईलैंड पर दूसरी प्रजातियों के आगमन से पिंक इगुआना खतरे में आ गई है, खासकर चूहों की एक प्रजाति के आने से। रूएडा ने कहा कि अब उनको पता है कि इनका अस्तित्व खतरे में है इसलिए समय पर कदम उठाना बहुत जरूरी है। खासकर उन प्रजातियों के विरुद्ध जो हमलावर प्रकृति की हैं, बिना इनके नाजुक ईकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाए। 

गैलापोगास आइलैंड में बहुत ही खास किस्म के वन्यजीव पाए जाते हैं। चार्ल्स डार्विन की इवोल्यूशन थ्योरी में भी इस आइलैंड का बहुत बड़ा योगदान कहा जाता है। यह एक ऐसा स्थान है जहां पर कुछ ऐसी प्रजातियां पाई जाती हैं जो दुनिया में और कहीं नहीं पाई जातीं। इनमें दैत्याकार कछुए, न उड़ सकने वाले जलकाग, और इगुआना की बहुत सारी प्रजातियां, जिसमें कि पिंक इगुआना भी शामिल है, आदि पाए जाते हैं।  हाल ही में वैज्ञानिकों को 9 मीटर लंबी छिपकली के जीवाश्म भी मिले थे। इनके बारे में कहा गया है कि मोसासौर विशाल समुद्री छिपकलियों की तरह थे, जिनकी लंबाई 12 मीटर तक हो सकती थी। वह मॉडर्न ‘मॉनिटर’ छिपकली और ‘इगुआना’ के परिवार से ताल्‍लुक रखते थे और कोमोडो ड्रैगन के जैसे दिखते थे।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

By Aware News 24

Aware News 24 भारत का राष्ट्रीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल , यहाँ पर सभी प्रकार (अपराध, राजनीति, फिल्म , मनोरंजन, सरकारी योजनाये आदि) के सामाचार उपलब्ध है 24/7. उन्माद की पत्रकारिता के बिच समाधान ढूंढता Aware News 24 यहाँ पर है झमाझम ख़बरें सभी हिंदी भाषी प्रदेश (बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, मुंबई, कोलकता, चेन्नई,) तथा देश और दुनिया की तमाम छोटी बड़ी खबरों के लिए आज ही हमारे वेबसाइट का notification on कर लें। 100 खबरे भले ही छुट जाए , एक भी फेक न्यूज़ नही प्रसारित होना चाहिए. Aware News 24 जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब मे काम नही करते यह कलम और माइक का कोई मालिक नही हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है । आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे। आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं , वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलता तो जो दान दाता है, उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की, मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो, जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता. इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए, सभी गुरुकुल मे पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे. अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ! इसलिए हमने भी किसी के प्रभुत्व मे आने के बजाय जनता के प्रभुत्व मे आना उचित समझा । आप हमें भीख दे सकते हैं 9308563506@paytm . हमारा ध्यान उन खबरों और सवालों पर ज्यादा रहता है, जो की जनता से जुडी हो मसलन बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सिक्षा, अन्य खबर भी चलाई जाती है क्योंकि हर खबर का असर आप पर पड़ता ही है चाहे वो राजनीति से जुडी हो या फिल्मो से इसलिए हर खबर को दिखाने को भी हम प्रतिबद्ध है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *