साहित्य सम्मेलन में मनाई गई कवि सत्यनारायण की 93वीं जयंती, ‘सत्यनारायण समग्र’ का लोकार्पण और काव्यांजलि

पटना, 13 सितंबर। बिहार के ‘बिहार गीत’ के रचनाकार कवि सत्यनारायण कालजयी और अमर कवि हैं। जब तक बिहार का अस्तित्व रहेगा, कवि सत्यनारायण अपनी रचनाओं और साहित्यिक योगदान के माध्यम से बिहार के कण-कण में जीवित रहेंगे।

ये बातें बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रविवार को कवि सत्यनारायण की 93वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह का उद्घाटन करते हुए कहीं। समारोह का आयोजन बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में किया गया, जहां कवि की संपूर्ण रचनावली ‘सत्यनारायण समग्र’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर कवि को काव्यांजलि भी अर्पित की गई।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कवि सत्यनारायण की स्मृति को अक्षुण्ण रखने तथा बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उन्नयन के लिए सम्मेलन का एक प्रतिनिधिमंडल सरकार के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि जनहित और साहित्य के हित में प्राप्त अच्छे प्रस्तावों को सरकार पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेगी।

नुक्कड़ काव्य आंदोलन ने जनता की आवाज को दी ताकत : शिवदयाल

समारोह के मुख्य अतिथि और सुप्रसिद्ध साहित्यकार शिवदयाल ने कवि सत्यनारायण से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि जयप्रकाश आंदोलन ने जिस तात्कालिक जड़ता को तोड़ने का काम किया था, उसमें नुक्कड़-काव्य आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कवि सत्यनारायण की काव्य-प्रतिभा से परिचय भी नुक्कड़ कवि-सम्मेलनों के माध्यम से व्यापक स्तर पर हुआ।

उन्होंने कहा कि सत्यनारायण उन कवियों में शामिल थे, जिन्होंने अपने समय की जनता की आकांक्षाओं को शब्द दिए। उन्होंने केवल जनता की पीड़ा को अपनी कविता में अभिव्यक्त नहीं किया, बल्कि जरूरत पड़ने पर जनता के बीच और आंदोलनों की जमीन पर भी खड़े दिखाई दिए।

‘सत्यनारायण समग्र’ हिन्दी साहित्य की महत्वपूर्ण धरोहर : डॉ. अनिल सुलभ

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा कि कवि सत्यनारायण को समग्रता में पढ़ना अनुभूति के एक अभिनव संसार से जुड़ना है। उनकी संपूर्ण रचनावली ‘सत्यनारायण समग्र’ हिन्दी साहित्य की महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में याद की जाएगी और आने वाली पीढ़ियों के साथ-साथ साहित्य के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

उन्होंने सरकार से मांग की कि ‘बिहार गीत’ के अमर रचनाकार कवि सत्यनारायण की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए और उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कवि सत्यनारायण के नाम पर प्रतिवर्ष बिहार के किसी एक कवि को कम से कम तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे कम में राज्य-गीतकार के प्रति उचित श्रद्धांजलि नहीं मानी जा सकती।

कई साहित्यकारों और जनप्रतिनिधियों ने रखे विचार

समारोह में बिहार विधान परिषद के सदस्य संजय मयूख, पटना की महापौर सीता साहू, डॉ. कुमार अरुणोदय, बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य निशीथ वर्मा, डॉ. कल्याणी कुसुम सिंह, बच्चा ठाकुर, संजीव कर्ण तथा कवि सत्यनारायण के ज्येष्ठ पुत्र संजय ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

आरंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के साहित्य मंत्री तथा लोकार्पित पुस्तक के संपादक भगवती प्रसाद द्विवेदी ने ‘सत्यनारायण समग्र’ की विशेषताओं और कवि के विराट साहित्यिक व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मंच का संचालन आयोजन समिति के संयोजक कमल नयन श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद-ज्ञापन कवि के कनिष्ठ पुत्र संदीप स्नेह ने किया।

कवियों ने दी काव्यांजलि

समारोह के दौरान आयोजित कवि-सम्मेलन का शुभारंभ चंदा मिश्र की वाणी-वंदना से हुआ। इसके बाद वरिष्ठ कवयित्री भावना शेखर, डॉ. रत्नेश्वर सिंह, डॉ. आरती कुमारी, सविता राज, प्रो. सुनील कुमार अध्याय, शमा कौसर ‘शमा’, गोपाल फलक, हेमा सिंह, अनुपमा सिंह सोनी, प्रियंका श्रीवास्तव ‘शुभ्र’, मधुरेश नारायण, डॉ. किशोर सिन्हा, पूनम कतरियार, शुभ चंद्र सिन्हा, डॉ. एम.के. मधु, सिद्धेश्वर, पं. उमेश मिश्र, सुरेश चौबे, ज्योति मिश्र, डॉ. प्रतिभा रानी, डॉ. शशि भूषण सिंह, जय प्रकाश पुजारी सहित अनेक कवियों और कवयित्रियों ने अपने गीतों और ग़ज़लों के माध्यम से कवि सत्यनारायण को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और उन्हें काव्यांजलि अर्पित की।

समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. उषा सिंह, वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानवर्धन मिश्र, डॉ. सुधा सिन्हा, प्रो. कृष्णा सिंह, डॉ. ज्योत्सना प्रसाद, प्रो. अरुण कुमार प्रसाद, डॉ. विद्या चौधरी, डॉ. नूतन सिन्हा, कमल किशोर वर्मा, डॉ. ऋचा वर्मा, मीरा प्रकाश, डॉ. अनुपमा सिन्हा, डॉ. दिनेश कुमार शर्मा, आशा रघुदेव, मोना स्नेह, अक्षरा स्नेह, बिंदेश्वर प्रसाद गुप्त सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और सुधीजन उपस्थित रहे।

सत्यनारायण की साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने की जरूरत

कवि सत्यनारायण की 93वीं जयंती पर आयोजित यह समारोह केवल एक साहित्यकार की स्मृति को नमन करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी केंद्रित रहा। ‘सत्यनारायण समग्र’ के लोकार्पण ने उनके व्यापक रचनात्मक संसार को एक साथ पाठकों और साहित्य के विद्यार्थियों के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

‘बिहार गीत’ के रचनाकार के रूप में कवि सत्यनारायण का नाम बिहार की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान से गहराई से जुड़ा है। समारोह में उठी उनकी स्मृति को राजकीय स्तर पर संरक्षित और सम्मानित करने की मांग ने इस विरासत को व्यापक सामाजिक और संस्थागत पहचान देने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

By Shubhendu Prakash

Shubhendu Prakash – Hindi Journalist, Author & Founder of Aware News 24 | Bihar News & Analysis Shubhendu Prakash एक प्रतिष्ठित हिंदी पत्रकार, लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो Aware News 24 नामक समाधान-मुखी (Solution-Oriented) न्यूज़ पोर्टल के संस्थापक और संचालक हैं। बिहार क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक विश्लेषण के लिए उनका नाम विशेष रूप से जाना जाता है। Who is Shubhendu Prakash? शुभेंदु प्रकाश 2009 से सक्रिय पत्रकार हैं और बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों पर गहन रिपोर्टिंग व विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे “Shubhendu ke Comments” नाम से प्रकाशित अपनी विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए भी लोकप्रिय हैं। Founder of Aware News 24 उन्होंने Aware News 24 को एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया है जो स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और समाधान-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास से जुड़े मुद्दों को सरल और तार्किक रूप में प्रस्तुत करते हैं। Editor – Maati Ki Pukar Magazine वे हिंदी मासिक पत्रिका माटी की पुकार के न्यूज़ एडिटर भी हैं, जिसमें ग्रामीण भारत, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता की जाती है। Professional Background 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य 2012 से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में अनुभव 2020 के बाद पूर्णकालिक डिजिटल पत्रकारिता पर फोकस Key Expertise & Coverage Areas बिहार राजनीति (Bihar Politics) सामाजिक मुद्दे (Social Issues) लोकल जर्नलिज़्म (Local Journalism) टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया पब्लिक इंटरेस्ट जर्नलिज़्म Digital Presence शुभेंदु इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय हैं, जहाँ वे Aware News 24 की ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जागरूकता-उन्मुख पत्रकारिता साझा करते हैं।

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