मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, द टू फेस्ड मून (The Two Faced Moon) के लेखक साइमन लुईस (Simon Lewis) का कहना है कि उनके हाथ अपोलो स्पेस प्रोग्राम से जुड़ी फोटोज लग गई थीं। उन फोटोज से साबित होता है कि पृथ्वी के बाहर भी जीवन है। साल 1972 में ली गईं उन फोटोज में से एक में सिगार के आकार की एक चीज दिखाई देती है। वह गड्ढे के अंदर छुपी हुई है। ऐसी ही एक तस्वीर जो साल 1969 में ली गई थी, उसमें UFO यानी अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट जैसा कुछ नजर आता है। याद रहे कि उसी साल इंसान ने पहली बार चंद्रमा पर कदम रखा था।
साइमन लुईस ने खुलासा किया है कि मून मिशन से जुड़ी जो तस्वीरें उन्हें मिली थींं, वह नासा के ही एक पूर्व कर्मचारी ने पहुंचाई थीं। लुईस को भरोसा है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी, एलियंस और UFO से जुड़ी सच्चाई को छुपा रही है। लुईस ने दावा किया कि उनके पास करीब 8 हजार इमेजेस हैं। वह सामान्य नजर आती हैं, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चलता है कि तस्वीरों में कुछ तो अजीब है।
इन तस्वीरों को पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। लुईस के मुताबिक, एलियंस में उनकी दिलचस्पी नासा के उस पूर्व कर्मचारी से मुलाकात के बाद जगी थी। साल 1994 में हुई वह मुलाकात एक संयोग थी। लुईस का दावा है कि नासा के पूर्व कर्मचारी ने उन्हें बताया था कि अमेरिका एक सीक्रेट स्पेस प्रोग्राम चला रहा है। लुईस के मुताबिक, नासा का पूर्व कर्मचारी उन्हें अपने साथ स्टडी के लिए ले गया, जहां हजारों किताबें थीं। पूर्व कर्मचारी ने उन्हें कुछ हैरान करने वाले डॉक्युमेंट्स भी सौंपे।
लुईस का दावा है कि पूर्व नासा कर्मचारी ने उन्हें बताया था कि चंद्रमा पर मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री वहां सिर्फ सैंपल लेने नहीं गए थे। वह चंद्रमा पर मौजूद स्ट्रक्चरों को भी देखने गए थे। लुईस का कहना है कि वह अपनी बात को साबित कर सकते हैं।
