क्रिप्टो के खिलाफ हुआ नेपाल, क्रिप्टो ट्रेडिंग पर लगाया बैन

पिछले कुछ वर्षों में बहुत से देशों ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर अपना रुख नर्म किया है। हालांकि, नेपाल ने इसके विपरीत क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगा दी है। नेपाल के टेलीकॉम रेगुलेटर ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) को क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स को हटाने का निर्देश दिया है। इस निर्देश का पालन नहीं करने वाले ISP को कानूनी कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई है। 

नेपाल सरकार गैर कानूनी ट्रांजैक्शंस के लिए क्रिप्टो एसेट्स का गलत इस्तेमाल होने से चिंतित है। इस वजह से वहां क्रिप्टो से जुड़ी एक्टिविटीज बढ़ी हैं। नेपाल टेलीकम्युनिकेशंस अथॉरिटी की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है, “सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इस तरह की वेबसाइट्स, ऐप्स या ऑनलाइन नेटवर्क को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है।” नेपाल की अथॉरिटीज ने क्रिप्टो से जुड़ी साइट्स और प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश देने के साथ ही देश के लोगों को भी क्रिप्टो एक्टिविटीज में हिस्सा लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। नेपाल में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को एक विदेशी करेंसी या पेमेंट के जरिए के तौर पर मान्यता नहीं दी गई है। नेपाल में किसी भी प्रकार के मॉनेटरी इंस्ट्रूमेंट के तौर पर क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल करने पर रोक है। 

पिछले वर्ष नेपाल के सेंट्रल बैंक ने देश के लोगों पर ट्रेडिंग सहित क्रिप्टो एक्टिविटीज में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके साथ ही मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशंस एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने ISP से क्रिप्टो से जुड़ी सभी वेबसाइट्स तक एक्सेस रोकने को कहा था। क्रिप्टो मार्केट में पिछले वर्ष के अंत से गिरावट है। इसका प्रमुख कारण बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल FTX का दिवालिया होना है। इससे बड़ी संख्या में इनवेस्टर्स ने क्रिप्टोकरेंसीज से दूरी बना ली है। FTX के सॉफ्टवेयर में बदलाव कर क्लाइंट्स के फंड का इस्तेमाल किया गया था। एक्सचेंज के चीफ इंजीनियर ने कोड में बदलाव कर FTX के फाउंडर Sam Bankman Fried की फर्म Alameda Research को उधार ली गई रकम पर नुकसान उठाने के बावजूद उसके एसेट्स बेचने से छूट दी थी। 

कोड में इस बदलाव को अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने पकड़ा था। SEC ने बताया था कि इससे Alameda Research को बिना किसी लिमिट के क्रेडिट दिया जा रहा था। फर्म को दो वर्षों में अरबों डॉलर का उधार गोपनीय तरीके से दिया गया था। 

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By Aware News 24

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