मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ा भारत का दबदबा, एक्सपोर्ट 10 अरब डॉलर से हो सकता है पार

भारत में बने iPhones की संख्या और वैल्यू पिछले वर्ष तेजी से बढ़ी है। iPhone बनाने वाली Apple अपनी सप्लाई चेन को डायवर्सिफाइ करने के लिए चीन से प्रोडक्शन को शिफ्ट कर रही है और इस वजह से भारत में कंपनी के डिवाइसेज के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी हुई है। 

South China Morning Post में मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि पिछले वर्ष भारत में मैन्युफैक्चर किए गए iPhones की शिपमेंट वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 65 प्रतिशत बढ़ी हैं। इसके अलावा आईफोन की वैल्यू में 162 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष भारत से स्मार्टफोन्स की कुल शिपमेंट में एपल की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत की थी। दुनिया भर में बिकने वाले आईफोन्स में से लगभग 85 प्रतिशत की मैन्युफैक्चरिंग चीन में होती है। हालांकि, एपल के अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से बाहर शिफ्ट करने की कोशिशों से इसमें कमी आ सकती है। 

अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ने के कारण बहुत सी कंपनियां प्रोडक्शन के लिए चीन पर अपनी निर्भरता को घटा रही हैं। इनमें एपल भी शामिल है। फरवरी में एपल एशिया में Xiaomi को पीछे छोड़कर दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन गई थी। स्मार्टफोन कंपनियों के लिए एशिया बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें दो बड़े स्मार्टफोन मार्केट भारत और चीन हैं। एशिया में स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनियों की बड़ी संख्या है। 

फरवरी में एशिया में 22 प्रतिशत से अधिक के मार्केट शेयर के साथ Samsung पहले स्थान पर रही थी। इसके बाद एपल (17.15 प्रतिशत) और शाओमी (16.19 प्रतिशत) थी। सैमसंग की लगभग पूरे एशिया में मौजूदगी है और कंपनी इस रीजन में एडवर्टाइजिंग पर काफी खर्च करती है। कंपनी अपने स्मार्टफोन्स के लॉन्च के बाद डिस्काउंट के साथ कस्टमर्स को खींचने की कोशिश करती है। एशिया में एपल का मार्केट शेयर बढ़ने का बड़ा कारण कंपनी की मौजूदगी बढ़ना है। मलेशिया और वियतनाम जैसे देशों में स्टूडेंट डिस्काउंट देने से एपल को अपना मार्केट शेयर और मजबूत करने में मदद मिल सकती है। एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली Foxconn ने भारत में एक नया प्लांट लगाने की योजना बनाई है। फॉक्सकॉन का नया प्लांट कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एयरपोर्ट के निकट बनेगा। इसमें आईफोन के पार्ट्स बनाए जाएंगे। यह प्लांट लगभग 300 एकड़ की साइट पर होगा और इसमें लगभग 70 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट होगा। 
 

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By Aware News 24

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