क्रिप्टो जगत में मीम क्रिप्टोकरेंसी की जब बात आती है तो Dogecoin और Shiba Inu का नाम सबसे पहले जहन में आता है। यहां तक कि साधारण लोगों को भले ही मीम क्रिप्टोकरेंसीज के बारे में न पता हो, लेकिन इतना जरूर पता होता है कि डॉजकॉइन और शिबा इनु क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के दो पॉपुलर कॉइन हैं। डॉजकॉइन की पॉपुलरिटी का सबसे ज्यादा श्रेय एलन मस्क को जाता है। इसके बाद ही शिबा इनु का जन्म हुआ, जिसे डॉजकॉइन का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता है। इसलिए ये दोनों मीम टोकन क्रिप्टो जगत में अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। लेकिन नए साल में दोनों में से किसका पलड़ा भारी रहने वाला है? किस टोकन में बड़े रिटर्न के आसार बन रहे हैं? 2023 में कौन से टोकन में निवेश करना सही फैसला होगा, इस बारे में यहां बताया जा रहा है। 

Dogecoin को 2013 में एक मजाक के तौर पर बनाया गया था। यह दुनिया कि पहली डीसेंट्रलाइज्ड क्रिप्टोकरेंसी थी जिसको एक मीम के आधार पर बनाया गया था। वर्तमान में यह सबसे पॉपुलर मीम कॉइन के रूप में जाना जाता है। Shiba Inu भी पॉपुलरिटी के मामले में पीछे नहीं है। दोनों ही टोकन के दुनियाभर में लाखों की संख्या में फॉलोअर हैं। डॉजकॉइन एक ERC-20 टोकन है जिसको कई तरह से इस्तेमाल में लाया जा सकता है। जिसमें इसका एक उपयोग पेमेंट और पर्चेज में भी किया जा सकता है। एलन मस्क इसके जबरदस्त सपोर्टर रहे हैं और उनका एक ट्वीट भी इसकी कीमत को प्रभावित करता है। मई 2021 में यह टोकन अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर था जब इसकी कीमत $0.731578 (लगभग 60 रुपये) के करीब थी। 

2023 में डॉजकॉइन के फ्यूचर की बात करें तो इसके निवेशकों को बड़ा लाभ होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मार्केट एनालिस्ट डॉजकॉइन की कीमत 2023 की पहली तिमाही खत्म होते के साथ ही 4 गुना तक बढ़ जाने की बात कर रहे हैं। यानि कि मार्च-अप्रैल तक इसमें निवेश किया गया पैसा 4 गुना तक बढ़ सकता है। इसका मतलब यह टोकन नए साल में 400% तक का प्रोफिट दे सकता है। मार्केट कैपिटल के हिसाब से यह दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है। इसके बारे में कहा जा रहा है कि वर्तमान में चल रहे बीयर मार्केट ट्रेंड के बाद इसकी कीमत में जबरदस्त उछाल आने वाला है। 

अब Shiba Inu के बारे में भी बात कर लेते हैं। इसे रोयशी ने बनाया था जो कि एक प्रायोगिक प्रोजेक्ट था और बाद में यह मीम टोकन में तब्दील हो गया। भविष्य के लिए शिबा इनु एक बड़ा कदम माना जा रहा है जो डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस को काफी आगे तक ले जा सकता है। इसे जापानी कुत्ते की नस्ल के नाम पर बनाया गया है। शिबा इनु एक जापानी कुत्ते की नस्ल है। सोशल मीडिया पर शिबा इनु के 35 लाख के लगभग फॉलोअर्स हैं। मार्केट कैपिटल के हिसाब से शिबा इनु दुनिया की 12वीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के रूप में जाना जाता है। यह भी एलन मस्क से जुड़ा हुआ है, क्योंकि उनके पास शिबा इनु ब्रीड का कुत्ता है जिसका नाम फ्लोकि इनु है। यहां कि इस नाम से एक मीम टोकन भी मार्केट में मौजूद है। 

शिबा इनु ERC-20 टोकन है जो इथेरियम ब्लॉकचेन नेटवर्क पर ऑपरेट करता है। यह उस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था जब विटालिक ब्यूटिरिन ने कोविड रिलीफ फंड में दान देने के लिए अपनी 90 प्रतिशत शिबा इनु होल्डिंग को बर्न कर दिया था। इसमें 10 प्रतिशत टोकनों को उन्होंने रिलीफ फंड में दान कर दिया था। उसी साल सितंबर में यह कॉइनबेस पर लिस्ट हुआ जो कि इसके लिए एक और मील का पत्थर था। 2023 में शिबा इनु की कीमत में भी उछाल आने की बात कही जा रही है। लेकिन डॉजकॉइन और शिबा इनु की तुलना की जाए तो इस वक्त डॉजकॉइन का पलड़ा भारी है। एलन मस्क जब से ट्विटर के मालिक बने हैं, इस टोकन की कीमत में जबरदस्त बढो़त्तरी है जो आगे भी जारी रहने की संभावना है। 
 

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