मोदी सरकार में बेहद बढ़ी लोगों की आय और क्रय क्षमता : सुशील सिंह

विज्ञान, शोध एवं आविष्कार के क्षेत्र में हुए कई महत्वपूर्ण कार्य

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पुराने जर्जर शोध संस्थानों को मोदी सरकार ने दिया नया जीवन


(विशेष संवाददाता)
औरंगाबाद। पिछले 9 वर्षो के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के कार्यकाल में देश के आम लोगों की आय और क्रय क्षमता बेहद बढ़ी है। अब सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों के लोग भी एयर कंडीशनर, फ्रिज जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और देश की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव हुआ है। मोदी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि पुराने जर्जर शोध एवं आविष्कार संस्थाओं को नया जीवन देना भी है जिसकी परिणति चंद्रयान जैसे मिशन के रूप में सामने आयी है। यह बात औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने विशेष बातचीत में कही। सांसद ने कहा कि जिस वक्त 2014 में मोदी सरकार ने अपना काम शुरू किया था उस वक्त आयकर में छूट की सीमा मात्र 2 लाख थी जिसे अब बढ़कर 7 लाख कर दिया गया है। इसके बावजूद आयकरदाताओं की संख्या में निरंतर इजाफा होता जा रहा है और आयकर से प्राप्त राशि कई गुना ज्यादा बढ़ गई। है। यह साफ दर्शाता है कि लोगों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और लोग पहले से ज्यादा आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं। सांसद ने अपने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि इमामगंज डुमरिया के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में भी उन्हें बढ़िया बाजार, मॉल तथा घरों में रेफ्रिजरेटर एयर कंडीशनर जैसी सुविधाएं दिखाई दे रही है। यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और लोगों के जीवन में संपन्नता आई है। सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने कई मोर्चे पर अनूठा कार्य किया है। उदाहरण के तौर पर भारत के जितने भी शोध और अनुसंधान संस्थान थे वे सब जर्जर पड़े हुए थे। उनके पास कोई काम नहीं था। उन्हें फंड नहीं दिया जा रहा था लेकिन मोदी सरकार ने उन सभी को फंड, काम तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके अंदर एक नया जीवन शुरू किया जिसकी परिणीति चंद्रयान मिशन जैसे मिशन के रूप में दिखाई देती है। देश के खासकर ग्रामीण इलाकों के विद्यालयों में अटल इम्बयूकेशन सेंटर की स्थापना से छात्र छात्राओं में शोध, अन्वेषण व आविष्कार की भावना तथा प्रतिभा को प्रोत्साहन मिला है। इसके दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड जैसी संस्थाएं मृतप्राय पड़ी थी लेकिन मोदी सरकार ने उसे आज जीवंत कर दिया है। इसी प्रकार खनन के क्षेत्र में भी बड़े परिवर्तन आए हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय प्रतिरोधक विज्ञान संस्थान, भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, केन्द्रीय खनन अनुसंधान संस्थान, केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, जीवाणु प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, केन्द्रीय नमक और समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, भारतीय खगोल संस्थान, केंद्रीय विद्युत रासायनिक अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय यांत्रिक इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान जैसे अनुसंधान संस्थान मृतप्राय पड़े थे जिसे मोदी सरकार ने विशेष प्रयास कर सक्रिय किया है जिसका नतीजा तीव्र विकास के रूप में देश के सामने है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का कामकाज अगले कई दशकों तक भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। सांसद ने कहा कि शोध, अन्वेषण तथा आविष्कार के कार्यों को बढ़ावा देने एवं प्रोत्साहित करने का परिणाम यह हुआ की विज्ञान, शोध और आविष्कार के क्षेत्र में पूरे विश्व में भारत आज मजबूती से उभरा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed