अश्वथ नारायण की सिद्धारमैया को 'खत्म' करने की अपील से हंगामा मच गया


लोक निर्माण मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने कहा है कि तटीय राजमार्ग भूमि अधिग्रहण के लिए एक विशेष पुनर्वास पैकेज तैयार किया गया है।

मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान तटीय राजमार्ग विकास के लिए जमीन और घर देने वालों के लिए पुनर्वास पैकेज के बारे में एम. राजगोपालन, केजे मैक्सी के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। भूमि छोड़ने वालों के लिए व्यापक पैकेज तैयार करते समय तटीय क्षेत्र की विशेष विशेषताओं को ध्यान में रखा गया था।

उन्होंने कहा कि पैकेज को दो भागों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में वे लोग आए जिनके पास मालिकाना हक के दस्तावेज थे। इस श्रेणी के लोगों के घरों का अधिग्रहण करते समय मूल्यह्रास को संरचना की अनुमानित लागत और दिए गए सोलैटियम से कम किया जाएगा। भूमि छोड़ने वालों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के अनुसार तय की गई लागत दी जाएगी। इसके अलावा, पुनर्वासित किए जाने वाले परिवारों को 600 वर्ग फुट का फ्लैट या 13 लाख रुपये का एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा।

दूसरी श्रेणी में वे लोग शामिल थे जिनके पास मालिकाना हक के दस्तावेज नहीं थे। मूल्यह्रास मूल्य को कम किए बिना भवन की लागत मुआवजे के रूप में दी जाएगी। पुनर्वासित किए जाने वाले परिवारों को 600 वर्ग फुट का फ्लैट या 13 लाख रुपये का एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा।

मंत्री ने दावा किया कि तटीय विकास के संबंध में पुनर्वास पैकेज देश में सबसे अच्छा है।

उन्होंने कहा कि 52 खंडों वाला 623 किलोमीटर का राजमार्ग नौ जिलों से होकर गुजरता है। केरल रोड फंड बोर्ड राजमार्ग के 537 किलोमीटर पर काम कर रहा था, जिसमें 44 खंड शामिल थे। 415 किमी, 24 स्ट्रेच के लिए भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति मिल चुकी है।

परियोजना के मद्देनजर पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि प्रत्येक 50 किमी पर 12 विशेष पर्यटन केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। साथ में कम्फर्ट स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इसमें साइकिल ट्रैक, चार्जिंग स्टेशन और रेस्टोरेंट होगा। तटीय राजमार्ग के खुलने से बीच पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य को पर्यटन स्थल बनाने के लिए राजमार्ग का डिजाइन बहुत अनुकूल है।

सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कदमों पर मंजलमकुझी अली, एमके मुनीर, पीके बशीर और एनए नेल्लिक्कुन्नु के सवालों का जवाब देते हुए श्री रियास ने कहा कि लोक निर्माण विभाग निर्माण तकनीकों को अपना रहा है जिसके परिणामस्वरूप अधिक टिकाऊ सड़कें बन रही हैं। सड़कों के निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक की जांच की जा रही थी कि संबंधित क्षेत्र की उपयुक्तता क्या है।

By Aware News 24

Aware News 24 भारत का राष्ट्रीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल , यहाँ पर सभी प्रकार (अपराध, राजनीति, फिल्म , मनोरंजन, सरकारी योजनाये आदि) के सामाचार उपलब्ध है 24/7. उन्माद की पत्रकारिता के बिच समाधान ढूंढता Aware News 24 यहाँ पर है झमाझम ख़बरें सभी हिंदी भाषी प्रदेश (बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, मुंबई, कोलकता, चेन्नई,) तथा देश और दुनिया की तमाम छोटी बड़ी खबरों के लिए आज ही हमारे वेबसाइट का notification on कर लें। 100 खबरे भले ही छुट जाए , एक भी फेक न्यूज़ नही प्रसारित होना चाहिए. Aware News 24 जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब मे काम नही करते यह कलम और माइक का कोई मालिक नही हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है । आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे। आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं , वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलता तो जो दान दाता है, उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की, मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो, जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता. इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए, सभी गुरुकुल मे पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे. अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ! इसलिए हमने भी किसी के प्रभुत्व मे आने के बजाय जनता के प्रभुत्व मे आना उचित समझा । आप हमें भीख दे सकते हैं 9308563506@paytm . हमारा ध्यान उन खबरों और सवालों पर ज्यादा रहता है, जो की जनता से जुडी हो मसलन बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सिक्षा, अन्य खबर भी चलाई जाती है क्योंकि हर खबर का असर आप पर पड़ता ही है चाहे वो राजनीति से जुडी हो या फिल्मो से इसलिए हर खबर को दिखाने को भी हम प्रतिबद्ध है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *